इस ब्लॉग में TCP/IP माॅडल क्या है। इस माॅडल में कितने लेयर होते है। इस माॅडल की विशेषताएं तथा नुकसान क्या होता है। तथा TCP/IP और OSI माॅडल में अन्तर क्या होता है। इन सब के बारे में जानने की कोशिश करते है। आशा करते है कि यह ब्लॉग आपको काफी पसन्द आयेगा।

TCP/IP माॅडल क्या है।

TCP/IP का पूरा नाम Transmission Control Protocol तथा Internet Protocol होता है। यह एक नियमो का एक समूह होता है जो यह निर्धारित करता की एक विशिष्ट कम्प्यूटर को इंटरनेट से कैसे जोड़ा जाना चाहिये। यह एक Practical मॉडल है। इस मॉडल को DOD (Department of Defense) ने 1960-1970 के दशक में Develop किया था। यह मॉडल End-To-End कम्युनिकेशन उपलब्ध कराता है। यह मॉडल Connection Oriented होता है। यह मॉडल मूलरूप से WAN (Wide Area Network) के लिए डिजाइन किया गया है। यह मॉडल Virtual नेटवर्क बनाने में सहायता करता है। तथा Client -Server संचार मॉडल का उपयोग करता है।

TCP/IP माॅडल के लेयर।

TCP/IP मॉडल में मुख्य चार लेयर होते है।
1- Application Layer
2- Transport Layer
3- Internet Layer
4- Network Interface Layer

1. Application Layer

Application लेयर TCP/IP मॉडल का पहला लेयर होता है। यह लेयर Application को नेटवर्क सेवाये उपलब्ध कराता है। जिससे उपयोगकर्ता कम्युनिकेशन स्थापित करता है। यह लेयर Transport लेयर को डाटा भेजता है। और उससे डाटा भी प्राप्त करता है। इसी लेयर में डाटा को Encryption और Compression होता है। इस लेयर में HTTP, HTTPS, FTP, SSH, DNS, Telnet और DHCP इत्यादि प्रोटोकॉल कार्य करते है।

2. Transport Layer

Transport लेयर डाटा Transfer के लिये जिम्मेदार होता है। Aplication लेयर से डाटा जब Transport लेयर में आता है तो वह डाटा Segment के रूप में विभाजित हो जाता है। यह निर्धारित करता है कि कितना डाटा कहॉ किस Rate पर भेजना है। यह लेयर डाटा Flow Control तथा डाटा Correction के लिये भी जिम्मेदार होता है। इस लेयर में 2 मुख्य प्रोटोकॉल TCP और UDP कार्य करते है।

3. Internet Layer

Internet लेयर डाटा Packet को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में सही Route से भेजने के लिये जिम्मेदार होता है। यह लेयर डाटा Packet के Source और Destination के IP एड्रेस को Contain किया रहता है। इसी लेयर में Router काम करता है। इस लेयर में IP, ARP और ICMP इत्यादि प्रोटोकॉल कार्य करते है।

4. Network Interface Layer

Network Interface लेयर TCP/IP मॉडल का नीचला लेयर होता है। यह निर्धारित करता है कि नेटवर्क के माध्यम से डेटा को भौतिक रूप से कैसे भेजा जाना चाहिए। यह लेयर Node To Node डाटा को Bit के रूप में संचारित करता है। इस लेयर को Network Access Layer भी कहा जाता है। इस लेयर में Ethernet और Token Ring इत्यादि का इस्तेमाल होता है।

TCP/IP माॅडल की विशेषताएं।

TCP/IP माॅडल की निम्नलिखित विशेषताएं होती है।
1- TCP/IP मॉडल काफी बड़ा बनाया जा सकता है। इसलिये इस मॉडल में बहुत सारे कम्प्यूटर सिस्टम को जोड़ा जा सकता है।
2- यह मॉडल अलग अलग प्रकार के कम्प्यूटर में Connection स्थापित करने में सहायता प्रदान करता है।
3- TCP/IP मॉडल बहुत सारे Routing प्रोटोकॉल को सपोर्ट करता है।
4- यह मॉडल स्वतन्त्र रूप से कार्य करता है।
5- यह मॉडल विषम नेटवर्क के साथ-साथ Cross प्लेटफॉर्म संचार करता है।
6- TCP/IP मॉडल एक Open प्रोटोकॉल Suite है। अर्थात् यह किसी कम्पनी का नही है। इसको कोई भी व्यक्ति या कम्पनी प्रयोग में ला सकता है।


TCP/IP माॅडल के नुकसान।

TCP/IP माॅडल के निम्नलिखित नुकसान होते है।
1- TCP/IP मॉडल एक जटिल मॉडल है। इसलिये इसको Setup और Manage करना कठिन होता है।
2- इस मॉडल में Transport लेयर Packet की डिलीवरी की गारंटी नही लेता है।
3- TCP/IP मॉडल में प्रोटोकॉल को बदलना मुश्किल होता है।
4- इस मॉडल की प्रोटोकॉल और सेवा में कोई अन्तर नही होता है।

TCP/IP और OSI माॅडल में अन्तर।

TCP/IP और OSI माॅडल में निम्नलिखित अन्तर होते है।
No TCP/IP OSI
1 TCP/IP का पूरा नाम Transmission Control Protocol और Internet Protocol होता है। OSI का पूरा नाम Open System Interconnection होता है।
2 TCP/IP माॅडल में 4 लेयर होते है। OSI माॅडल में 7 लेयर होते है।
3 TCP/IP माॅडल एक Practical मॉडल है। इसका उपयोग इन्टरनेट में होता है। OSI माॅडल एक Refrence मॉडल है। इसका उपयोग नेटवर्क Concept को समझने के लिये किया जाता है।
4 TCP/IP माॅडल को DOD (Department of Defense) ने Develop किया है। OSI माॅडल को ISO (International Standard Organization) ने Develop किया है।
5 TCP/IP माॅडल Horizontal Approach पर आधारित है। OSI माॅडल Vertical Approach पर आधारित है।
6 TCP/IP माॅडल में Header का न्यूनतम आकार 20 Byte होता है। OSI माॅडल में Header का न्यूनतम आकार 5 Byte होता है।
7 TCP/IP माॅडल का इस्तेमाल अधिकतर होता है। OSI माॅडल का प्रयोग कभी नही हुआ।

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