इस ब्लॉग में Cryptography क्या होता है। Cryptography मे उपयोग होने वाले कुछ परिभाषाये तथा Cryptography कितने प्रकार का होता है। इन सब के बारे में जानने की कोशिश करते है।

Cryptography क्या होता है।

Cryptography एक ऐसी Technique है, जिसका उपयोग Information और Communication को सुरक्षित करने के लिये किया जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के Algorithm का प्रयोग करके डाटा या Information को Encrypt किया जाता है। जिससे डाटा या Information की Security और Integrity बनी रहती है। का उपयोग Email, क्रेडिट कार्ड, कम्प्यूटर पासवर्ड तथा Military Communication इत्यादि में किया जाता है।

Cryptography की कुछ परिभाषाएं।

Cryptography मे उपयोग होने वाले मुख्य परिभाषाये इस प्रकार है।

Plain Text

Cryptography में Original डेटा या इनफार्मेशन को Plain Text कहा जाता है। इसमें डेटा या इनफार्मेशन डिजिटल रूप में होता है। जिसे आसानी से पढा और समझा जा सकता है।

Cipher Text

Cryptography में जब Original डाटा या इनफॉर्मेशन किसी Algotithm का प्रयोग करके Encrypt किया जाता है। जिससे वह डाटा या इनफॉर्मेशन Secret Code में बदल जाता है। Cipher Text कहलाता है। इसमें डाटा या इनफॉर्मेशन को पढ़ा और समझा नही जा सकता है।

Encryption

Cryptography में Plain Text को Cipher Text में बदलने की प्रक्रिया Encryption कहलाती है। Encryption के बाद डाटा या इनफॉर्मेशन Secret Code में बदल जाता है। जिसे Cipher Text कहा जाता है।

Decryption

Cryptography में Cipher Text को Plain Text में बदलने की प्रक्रिया Encryption कहलाती है। Encryption के बाद डाटा या इनफॉर्मेशन Plain Text में बदल जाता है।

Cryptography के प्रकार।

Cryptography मुख्यत 2 प्रकार की होती है।
1- Symetric Key Cryptography
2- Asymetric Key Cryptography

1. Symetric Key Cryptography

Symetric Key Cryptography में डाटा या Information को Encrypt या Decrypt करने के लिये एक ही Key का उपयोग किया जाता है। अर्थात इसमें Sender और Reciver के पास एक ही Key होता है। इसको Private Key Cryptography भी कहा जाता है।

2. Asymetric Key Cryptography

Asymetric Key Cryptography में दो Key का उपयोग किया जाता है। इसमें डाटा या Information को Encrypt करने के लिये Public Key तथा Decrypt करने के लिये Private Key की आवश्यकता होती है। अर्थात Sender के पास Public Key तथा Reciver के पास Private Key होता है। इसको Public Key Cryptography भी कहा जाता है।


Cryptography के लाभ।

Cryptography के निम्नलिखित लाभ होते है।
1- Cryptography का सबसे बड़ा लाभ डाटा की गोपनीयता होता है। अर्थात Encrypted डाटा या Information को कोई Unauthorized व्यक्ति Access नही कर सकता है।
2- Cryptography का उपयोग करके डाटा या Information को Secure तरीके से एक जगह से दूसरी जगह Share किया जा सकता है।

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